Navratri mein Kanya pujan kaise kre, how to Kanya worship during navratri in Hindi ?

 नवरात्री के नौ दिन कैसे करें कन्या पूजन !! Kanya pujan kaise Karen? 

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      नवरात्रि यानी सौन्दर्य के मुखरित होने का पर्व । नवरात्रि यानी उमंग से खिल - खिल जाने का पर्व । कहते हैं , नौ दिनों तक दैवीय शक्ति मनुष्य लोक के भ्रमण के लिए आती है । इन दिनों की गई उपासना - आराधना से देवी भक्तों पर प्रसन्न होती है । लेकिन पुराणों में वर्णित है कि मात्र श्लोक - मंत्र- उपवास और हवन से देवी को प्रसन्न नहीं किया जा सकता । इन दिनों 2 से लेकर 5 वर्ष तक की नन्ही कन्याओं के पूजन का विशेष महत्व है । नौ दिनों तक इन नन्ही कन्याओं को सुंदर गिफ्ट्स देकर इनका दिल जीता जा सकता है । इनके माध्यम से नवदुर्गा को भी प्रसन्न किया जा सकता है । पुराणों की दृष्टि से नौ दिनों तक कन्याओं को एक विशेष प्रकार की भेंट देना शुभ होता है ।

    नवरात्री के  प्रथम दिन कैसे करें कन्या पूजन !

     * प्रथम दिन इन्हें फूल की भेंट देना शुभ होता है । साथ में कोई एक श्रृंगार सामग्री अवश्य दें । अगर आप मां सरस्वती को प्रसन्न करना चाहते है तो श्वेत फूल अर्पित करें । अगर आपके दिल में कोई भौतिक कामना है तो लाल पुष्प देकर इन्हें खुश करें । ( उदाहरण के लिए गुलाब , चंपा , मोगरा , गेंदा , गुड़हल !

    नवरात्री के दूसरे दिन कैसे करें कन्या पूजन !

    * दूसरे दिन फल देकर इनका पूजन करें । यह फल भी सांसारिक कामना के लिए लाल अथवा पीला और वैराग्य की प्राप्ति के लिए केला या श्रीफल हो सकता है । याद रखें कि फल खट्टे ना हो ।

    नवरात्री के तीसरे दिन कैसे करें कन्या पूजन !

    * तीसरे दिन मिठाई का महत्व होता है । इस दिन अगर हाथ की बनी खीर , हलवा या केशरिया चावल बना कर खिलाए जाएं तो देवी प्रसन्न होती है । 

    नवरात्री के चौथे दिन कैसे करें कन्या पूजन !

    * चौथे दिन इन्हें वस्त्र देने का महत्व है लेकिन सामर्थ्य अनुसार रूमाल या रंगबिरंगे रीबन दिए जा सकते हैं । 

    नवरात्री के पाचवे दिन कैसे करें कन्या पूजन !

    * पांचवे दिन देवी से सौभाग्य और संतान प्राप्ति की मनोकामना की जाती है । अत : कन्याओं को पांच प्रकार की श्रृंगार सामग्री देना अत्यंत शुभ होता है । इनमें बिंदिया , चूड़ी , मेहंदी , बालों के लिए क्लिप्स , सुगंधित साबुन , काजल , नेलपॉलिश , टैल्कम पावडर इत्यादि हो सकते !

    नवरात्री के छठे दिन कैसे करें कन्या पूजन !

    * छठे दिन बच्चियों को खेल सामग्री देना चाहिए । आजकल बाजार में खेल सामग्री की अनेक वैरायटी उपलब्ध है । पहले यह रिवाज पांचे , रस्सी और छोटे - मोटे खिलौनों तक सीमित था । अब तो ढेर सारे विकल्प मौजूद है । 

    नवरात्री के सातवे दिन कैसे करें कन्या पूजन !

    * सातवां दिन मां सरस्वती के आह्वान का होता है । अत : इस दिन कन्याओं को शिक्षण सामग्री दी जानी चाहिए । आजकल स्टेशनरी बाजार में विभिन्न प्रकार के पेन , स्केच पेन , पेंसिल , कॉपी , ड्रॉईंग बुक्स , कंपास , वाटर बॉटल , कलर बॉक्स , लंच बॉक्स उपलब्ध है । 

    नवरात्री के आठवे दिन कैसे करें कन्या पूजन !

    * आठवां दिन नवरात्रि का सबसे पवित्र दिन माना जाता है । इस दिन अगर कन्या का अपने हाथों से श्रृंगार किया जाए तो देवी विशेष आशीर्वाद देती है । इस दिन कन्या के दूध से पैर पूजने चाहिए । पैरों पर अक्षत , फूल और कुंकुम लगाना चाहिए । इस दिन कन्या को भोजन कराना चाहिए और यथासामर्थ्य कोई भी भेंट देनी चाहिए । हर दिन कन्या पूजन में दक्षिणा अवश्य दें ।

    नवरात्री के नौवे दिन कैसे करें कन्या पूजन !

    * नौवें दिन खीर , ग्वारफली और दूध में गूंथी पूरियां कन्या को खिलानी चाहिए । उसके पैरों में महावर और हाथों में मेहंदी लगाने से देवी पूजा संपूर्ण होती है । अगर आपने घर पर हवन का अयोजन किया है तो उसके नन्हे हाथों से उसमें समिधा अवश्य डलवाएं । उसे इलायची और पान का सेवन कराएं । इस परंपरा के पीछे मान्यता है कि देवी जब अपने लोक जाती तो उसे घर की कन्या की तरह ही बिदा किया जाना चाहिए । अगर सामर्थ्य हो तो नौवें दिन लाल चुनर कन्याओं को भेंट में दें । उन्हें दुर्गा चालीसा की छोटी पुस्तकें भेंट करें । गरबा के डाँडिए और चणिया - चोली दिए जा सकते हैं । 
    इन सारी रीतियों के अनुसार पूजन करने से देवी प्रसन्न होकर वर्ष भर के लिए सुख , समृद्धि , यश , वैभव , कीर्ति और सौभाग्य का वरदान देती है ।

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